ईशांत शर्मा का करियर चोटों के चलते उतार चढ़ाव भरा रहा है. जब कभी ऐसा लगता है कि उनकी गाड़ी सरपट दौड़ रही है, अचानक से एक चोट उनके करियर को पटरी से उतार देती है.
आलम यह है कि जून 2014 से मार्च 2015 के बीच टीम इंडिया ने 44 इंटरनेशनल मैच खेले और ईशांत शर्मा इनमें से सिर्फ 10 में ही शिरकत कर पाए. हाल ही में घुटने की चोट के चलते उन्हें वर्ल्ड कप 2015 से पहले स्वदेश लौटना पड़ा.
आईपीएल में जलवा बिखेरने के लिए तैयार ईशांत शर्मा ने कहा कि वर्ल्ड कप से बाहर रहने को स्वीकार कर पाना मुश्किल था. उन्होंने कहा, '2011 में मुझे टीम में नहीं चुना गया और 2015 में मेरे पास बढ़िया मौका था, लेकिन चोट के चलते बाहर होना, हालांकि मेरे लिए इसे स्वीकार कर पाना मुश्किल था.'
एक साक्षात्कार में ईशांत शर्मा ने कहा, 'माही भाई ने इस दौरान मेरी काफी मदद की, मैं इमोशनली टूट गया था. अगर माहीभाई की तरह कप्तान हो और 24वें फ्लोर से कूदने को कहे, तो आप एक बार सोचे बिना भी तैयार हो जाते हैं. माही भाई ने मुझे निराशा से उबरने में काफी मदद की.' कई बार ऐसा होता है, लेकिन ईमानदारी से कहूं, तो चोट को लेकर मैं कुछ खास नहीं कर सकता है. मैं वही कर रहा हूं जो करना चाहिए. नियमित तौर पर ट्रेनिंग करता हूं और एक सफल गेंदबाज बनने की कोशिश कर रहा हूं.
आईपीएल के लीग दौर में हम केविन पीटरसन को मिस करेंगे. पहले दो सालों में केविन हमारे साथ नहीं थे, लेकिन हमने जीतने की पूरी कोशिश की. पिछले साल के मुकाबले हमारे पास ईयान मोर्गन और रवि बोपारा जैसे कई दूसरे विकल्प भी है.
आईपीएल-8 के लिए मैंने कोई गोल नहीं सेट किया है. परिस्थिति के अनुसार खेलने पर ही मेरा फोकस होगा. कई साल मैंने क्रिकेट खेला है और अब इतना जान गया हूं कि किस परिस्थिति में क्या करना है.

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